देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न:।।
हस्त रेखा

बहुत कुछ कहती है रेखायें

Editorial Desk:completebhakti research team

ज्योतिष विज्ञान हस्तरेखा में जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं का रेखाचित्र खींचा गया है। छह मुख्य व सात छोटी हथेली पर स्पष्ट रूप से दिखने वाली रेखाएं भाग्य-सौभाग्य से संबंध रखती है।

1. हृदय रेखा-

यह रेखा बुध पर्वत के नीचे से निकल कर गुरु पर्वत तक ऊपर उठती हुई जाती है।

(A)  स्पष्ट साफ व गहरी ह्रदय रेखा- आप भावुक, सहृदय, दया, करुणा, प्रेम, श्रद्धा, भक्ति व समर्पित चित्त दशा के व्यक्ति हैं।

(B) टूटी, कटी हुई, छोटी व अस्पष्ट हृदय रेखा- आप निराशावादी, दु:खी, ईर्ष्यालु प्रेम में असफल, वासना प्रधान, ह्रदय विकार, कठोर व असफलताओं से चिंतित रहने वाले व्यक्ति हैं।

2. मस्तिष्क रेखा-

यह जीवन रेखा के साथ हथेली के बीच में मंगल क्षेत्र तक झुकी हुई होती है।

(A)  स्पष्ट साफ व गहरी मस्तिष्क रेखा- आप तर्क प्रिय, वुद्धिवादी, प्रयोगात्मक, स्पष्टवक्ता व व्यवहारिक हैं।

(B) टूटी, कटी हुई, छोटी व अस्पष्ट मस्तिष्क रेखा- आप गुस्से वाले, शीघ्र निर्णय नहीं लेने वाले, मूढ़ जल्दबाज व दूसरों द्वारा धोखा खाते हैं।

bahut_kuch_kahti_hai_rekhayein

3. जीवन रेखा-

यह रेखा अंगूठे के जोड़ से ऊपर मस्तिष्क रेखा के साथ से हथेली के बीच में होती हुई नीचे मणिबन्ध तक जाती है।

(A)  स्पष्ट साफ व जीवन ह्रदय रेखा- आप दीर्घायु, स्वास्थ व निरोगी जीवन तथा संघर्षों से जीतकर सफल व्यक्ति बन सकते हैं।

(B)  टूटी, कटी हुई, छोटी व अस्पष्ट जीवन रेखा-  आप अस्वस्थ, रोगों से परेशान तथा संघर्षों से भरा जुझारू जीवन जीयेंगे।

4. भाग्य रेखा-

यह रेखा हथेली के बीचों-बीच से नीचे से ऊपर शनि पर्वत की ओर जाती है।

(A)  स्पष्ट साफ व गहरी भाग्य रेखा- आप दीर्घ जीवन, भाग्यवान, अच्छा कैरियर, संघर्ष से, अपने भुजबल से सफलता एवं ज्योतिष व अध्यात्म के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

(B)  टूटी, कटी हुई, छोटी व अस्पष्ट भाग्य रेखा- दुर्भाग्य, मित्रों व अपनों से धोखा, उन्नति में बाधायें कर्ज, अपमान व नहीं समाप्त होने वाला संघर्ष बना रहता है।

5. यश दायक सूर्य रेखा-

(A)  स्पष्ट साफ व गहरी सूर्य रेखा- आप सफलता, साहित्य, प्रेमी, कलाकार, राज कृपा, विद्वान, ऊँची प्रतिष्ठा व सरकारी नौकरी एवं ज्योतिष प्रेमी हो सकते हैं।

(B)  टूटी, कटी हुई, छोटी व अस्पष्ट सूर्य रेखा- आप असफलता, संघर्ष, अपयश, पढ़ाई में असफलता, नेत्र रोगी, पेट के विकार, मुर्झाया चेहरा, नौकरी की चिंता बनी रहती है।

6. बुध रेखा-

(A)   स्पष्ट साफ व गहरी बुध रेखा- यह रेखा आपके व्यापार, मानिसक दक्षता, बुद्धिमत्ता, शेयर बाजार, तर्क युक्त भाषण, व्यंग्य व स्वास्थ के विषय में बताती है।

(B)  टूटी, कटी हुई, छोटी व अस्पष्ट बुध रेखा- इनसे तुतलाना, वाणी के दोष, सिरदर्द, त्वचा के रोग, स्वास्थ्य चिंता व व्यापार में हानि का पता चलता है।

सात छोटी रेखायें-

1. मंगल रेखा- जीवन रेखा के साथ अन्दर की ओर चलने वाली रेखा, जो स्वास्थ्य व दीर्घ जीवन प्रदान करती है। जुझारू जीवन और संघर्ष के बाद सफलता देती है।

2. शुक्र मुद्रिका- शुक्र मुद्रिका छोटी घुमावदार रेखा होती है। जिनसे प्रेम, भावना प्रधान चिन्तन, वासना तथा शारीरिक सौन्दर्य के प्रति आकर्षण का पता चलता है। यह रेखा गुरु पर्वत से शनि पर्वत के मध्य घुमावदार यात्रा करती है।

3. यात्रा रेखा- यह रेखा चन्द्र पर्वत से जीवन रेखा की ओर यात्रा करती है। छोटी-बड़ी यात्रायें इसी रेखा से देखी जाती है।

4. विवाह की रेखा- बुध पर्वत के नीचे हथेली के बाहर से अन्दर आती छोटी रेखा को विवाह की रेखा कहते हैं।

5. संतान रेखायें- विवाह रेखा के ऊपर खड़ी रेखायें ही संतान रेखायें कही जाती हैं।

6. इंट्यूशन अर्थात अंतबोर्ध रेखा- चन्द्र पर्वत से निम्न मंगल पर्वत तक हथेली के बाहर की ओर वलयाकार रेखा को अंतर ज्ञान रेखा कहते हैं।

7. नैसर्गिकता- यह रेखा साधारण सहज बैद्धिकता को दर्शाती है।

8. गुरु वलय- गुरु पर्वत पर वलयाकार रेखा ज्ञान, वृद्धि व स्मृति को दर्शाती है।

जरूर पढ़े

मन की एकाग्रता बताती है मस्तिष्क रेखा

अपना हाथ जगन्नाथ

क्या​ आपके हाथ में भाग्य रेखा है ?

हथेली में स्वास्थ रेखा का ना होना शुभ है

बहुत कुछ कहती है रेखायें

हाथों की रेखाएं और जीवन संघर्ष

भावी जीवन साथी और हस्तरेखा

अंगुलियां बतायें आपके चरित्र के राज


इन्हें भी पढ़े